सम्मोहन विद्या क्या है और इसे सीखने के फायदे?

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सम्मोहन विद्या क्या है और इसे सीखने के फायदे? (sammohan vidya kya hoti hai)

 

 नमस्कार मित्रों आज हम आपको ऐसे महाशक्तिशाली विद्या के बारे में बताने वाले है जिसे सीखने के बाद मनुष्य महाशक्तिशाली बन जाता है। इस विद्या का नाम सम्मोहन विद्या है और इसे सीखने के अनेकों फायदे है प्राचीन समय में इस विद्या का उपयोग लोगों कि सहायता हेतु किया जाता था लेकिन इस विद्या का ज्ञान राक्षसों ने भी प्राप्त कर लिया और उन्होंने इस विद्या का गलत प्रयोग करना शुरू कर दिया लेकिन आज के समय में इसका उपयोग भले के लिए भी किया जा रहा है। 

 

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दोस्तों यह विद्या भारत कि बहुत ही प्राचीन विद्या है और इसे प्राण विद्या, त्रिकाल विद्या, त्रिटक विद्या और वशीकरण विद्या भी कहा जाता है। प्राचीन समय में साधु संत इस विद्या का प्रयोग मोक्ष और सिद्धियां प्राप्ति करने के लिए करते थे जब इस विद्या की जानकारी गलत लोगों को प्राप्त हुई तो उन्होंने इसका उपयोग लोगों को वस में करने और काला जादू के लिए किया। सम्मोहन करने के समय अवचेतन मन को जागृत किया जाता है । ऐसे समय में जिस व्यक्ति का अवचेतन मन जागृत किया जाता है उसकी शक्ति काफी बढ़ जाती है लेकिन उस समय उस व्यक्ति को कुछ पता नहीं चलता है क्योंकि वह व्यक्ति उस समय सम्मोहनकर्ता के वस में होता है।

 

सम्मोहन के प्रकार : वैसे तो सम्मोहन के कई प्रकार है लेकिन मुख्य 5 ही मैने गए हैं (1) आत्म सम्मोहन (2) पर सम्मोहन (3) समूह सम्मोहन (4) प्राणी सम्मोहन (5) परामनोविज्ञान सम्मोहन। 

 

(1) आत्म सम्मोहन : आत्म सम्मोहन का अर्थ होता है कि खुद को सुझाव देना मतलब खुद के मन को जो कार्य वह करना चाहता है उस कार्य को करने के लिए प्रेरित करना और उससे वह कार्य करवाना। 

 

(2) पर सम्मोहन : पर सम्मोहन का अर्थ होता है कि किसी दूसरे को सम्मोहित करना । इसमें सम्मोहन करने वाला दूसरे व्यक्ति के मन के विकारों को दूर कर सकता है और उससे अपना काम करवाकर लोगों को चमत्कार भी दिखा सकता है। 

 

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(3) प्राणी सम्मोहन : पशु और पक्षी का सम्मोहन ही प्राणी सम्मोहन कहलाता है सर्कस में आपने देखा होगा कि वहां के प्राणी रिंगमास्टर कि ही बाते मानते है जब वहां पर प्राणी को छोड़ा जाता है तो रिंगमास्टर एक बार प्राणियों की आंखो में देखता है और उसके बाद जो रिंगमास्टर करवाना चाहता है वह अपने मन में सोच लेता है और वही कार्य प्राणी करते है। 

 

(4) समूह सम्मोहन : किसी समूह को या भीड़ को सम्मोहित करना ही समूह सम्मोहन कहलाता है इस सम्मोहन में व्यक्ति एक बार में एक समूह को सम्मोहित कर सकता है और उससे जो चाहे वह करवा सकता है सम्मोहन विद्या द्वारा कोई भी कार्य संभव है और सम्मोहन विद्या को 15 साल से लेकर किसी भी उम्र का व्यक्ति सीख सकता है और हां इसे स्त्रियां भी सीख सकती है।

 

(5) पर्मोविज्ञान सम्मोहन : इस सम्मोहन के द्वारा भूत, भविष्य और वर्तमान जाना जा सकता है, दूर दर्शन प्राप्त किया जा सकता है, दूर बैठे व्यक्ति को सम्मोहित किया जा सकता है, पूर्व जन्म के बारे में जाना जा सकता है, खोई हुई चीजों का चुटकी में पता लगाया जा सकता है, पागल को ठीक किया जा सकता है कोई भी बीमारी ठीक किया जा सकता है। शरीर से बाहर निकलकर आत्मा के माध्यम से भ्रमण किया जा सकता है, दूर बैठे व्यक्ति से झगड़ा खून खराबा कराया जा सकता है। आत्माओं, भूत प्रेत से संपर्क किया जा सकता है, इस विद्या के द्वारा नशा आदि बुरी आदतें दूर की जा सकती है। व्यक्ति के मन का हाल जाना जा सकता है उसके दिमाग में क्या चल रहा है इसका भी पता लगाया जा सकता है। यह विद्या एक अत्यंत शक्तिशाली विद्या है । 

 

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अगर कोई व्यक्ति नौकरी करता है तो वह अपने बॉस को वस में कर सकता है और अपने लिए हित कर सकता है, अगर कोई व्यक्ति बिजनेस मैन है तो वह सामने वाली पार्टी को सम्मोहित करके अपने बिजनेस को बहुत आगे तक ले जा सकता है। इस विद्या के द्वारा किसी भी प्रकार का कार्य किया जा सकता है। 

 

यह विद्या के द्वारा किसी का भी नुकसान नहीं करें यह विद्या का प्रयोग सिर्फ जनकल्याण के लिए ही करें और अपने फायदे के लिए करें क्योंकि परमात्मा सबको देख रहा है आज तक उस सच्चिदानंद परमेश्वर से कोई बच नहीं पाया इसीलिए सोच समझकर इस विद्या का प्रयोग करें। इस विद्या को सीखने से पहले मंत्र दीक्षा लेना अनिवार्य है इसलिए सीखने से पहले हमारे गुरुजी से मंत्रदीक्षा जरूर लें उनका संपर्क सूत्र : 7567233021

 

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आपका यह लेख पढ़ने के लिए बहुत बहुत धन्यवाद ।🙏🙏

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